धार में बनेगा भव्य सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान


धार में बनेगा भव्य सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोजशाला आंदोलन में शहादत देने वाले तीन शहीदों स्वर्गीय बनसिंह, स्वर्गीय अंतरसिंह एवं स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह के निकटतम परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान तीनों शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को मंच से हितलाभ वितरित किए। उन्होंने भोजशाला में मां वाग्देवी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि और नागरिकों की खुशहाली की कामना की।

भव्य सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान की घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय से 750 वर्षों का संघर्ष सफल हुआ है और धार में एक नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रदेशवासियों को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि धार आज प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक जिलों में शामिल हो चुका है। मां वाग्देवी के आशीर्वाद से विकास की गति को और तेज किया जाएगा। धार में भव्य सरस्वती लोक का निर्माण किया जाएगा तथा राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना कर राजा भोज की गौरवशाली विरासत को संरक्षित किया जाएगा।

जल संरक्षण में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा भोज जल संरक्षण के क्षेत्र में दूरदर्शी शासक थे। गंगा दशमी का पर्व उनकी धरती पर मनाना हम सभी के लिए गौरव का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जल संरक्षण के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश जल संरक्षण गतिविधियों में देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेशवासियों की सहभागिता से 2 लाख 42 हजार 188 जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत लगभग 2500 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।

अब तक प्रदेश में 89 हजार 772 कुओं का रिचार्ज किया जा चुका है, 55 हजार से अधिक खेत तालाब बनाए गए हैं तथा 105 अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया है। जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के लिए लाखों जलदूत तैयार किए गए हैं।

प्रदेश के नगरीय निकायों ने 2 हजार 224 कार्यों का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक 9 हजार 630 कार्य पूरे किए जा चुके हैं। यह निर्धारित लक्ष्य से कई गुना अधिक उपलब्धि है। खंडवा, बड़वानी, अशोकनगर, राजगढ़, डिंडोरी और धार जिलों ने जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

राजा भोज की ऐतिहासिक विरासत

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा भोज द्वारा संरक्षित पुरातात्विक स्थल और भोजपत्र हमारी अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने भोपाल के समीप भोजपुर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक का निर्माण कराया था।

भोपाल के बड़े तालाब की निर्माण तकनीक आज भी दुनिया भर के विशेषज्ञों को आश्चर्यचकित करती है। राजा भोज द्वारा निर्मित 45 फीट ऊंचे लौह स्तंभ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अरब इतिहासकार अल-बिरूनी ने इसकी प्रशंसा करते हुए कहा था कि ऐसा लौह स्तंभ विश्व में दुर्लभ है, जिस पर कभी जंग नहीं लगी।

उन्होंने बताया कि राजा भोज साहित्य, कला और विद्वानों के संरक्षक थे। वे कवि सम्मेलनों का आयोजन कर श्रेष्ठ रचनाओं को स्वर्ण ईंट देकर सम्मानित करते थे। उनकी वीरता, पराक्रम, ज्ञान और दूरदर्शिता आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।

विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल के एक चर्चित मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय राज्य सरकार ने त्वरित रूप से लिया था, जिसकी सराहना सर्वोच्च न्यायालय ने भी की है। उन्होंने कहा कि न्यायालय निर्णय देता है और राज्य सरकार उसे पूरी निष्ठा के साथ लागू करती है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विकास के क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी और प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

कार्यक्रम को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी संबोधित किया।




पत्रिका

...
Pratiyogita Nirdeshika September 2026
और देखे
...
Books for MPPSC Exam Preparation 2026 || विभिन्न परीक्षाओं हेतु उपयोगी 12 अंक मात्र 150 में
और देखे
...
Pratiyogita Nirdeshika August 2026
और देखे
...
Books for MPPSC Exam Preparation 2026 || विभिन्न परीक्षाओं हेतु उपयोगी 12 अंक मात्र 150 में
और देखे