कक्षा 8वीं से 12वीं के पाठ्यक्रम में एआई शामिल होगा | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


कक्षा 8वीं से 12वीं के पाठ्यक्रम में एआई को शामिल करें - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूली शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। इसके तहत प्रदेश के स्कूलों में कक्षा 8वीं से 12वीं तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कौशल को शामिल करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

मुख्यमंत्री के इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य स्कूली शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना है। इसका लक्ष्य विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य के लिए तैयार करना है।

मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश

  • निजी विद्यालय खोलने के लिए सामाजिक संस्थाओं और संगठनों को प्रोत्साहित किया जाए।
  • सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।
  • गुरु सांदीपनि के जीवन पर एक विशेष पुस्तक तैयार की जाए।
  • अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया 1 जुलाई से पहले पूरी की जाए।
  • नए शैक्षणिक सत्र से पहले स्कूलों में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
  • प्रदेश की आंशिक रूप से जर्जर शालाओं की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
  • सभी स्कूलों में बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 मई को मंत्रालय में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को ये निर्देश दिए। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहे।

शैक्षणिक सत्र से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी हों

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 जून से प्रारंभ होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। स्कूलों में पूर्व छात्र-छात्रा सम्मेलन आयोजित किए जाएं ताकि पुराने विद्यार्थी विद्यालय के विकास में सहयोग कर सकें।

प्रदेश की 26 शालाओं में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम आने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि 90% या 95% से अधिक परिणाम देने वाले विद्यालयों को भी सम्मानित किया जाए।

‘शिक्षा घर योजना’ को सैद्धांतिक मंजूरी

मुख्यमंत्री ने ‘शिक्षा घर योजना’ नामक नई योजना को सैद्धांतिक सहमति प्रदान की। इस योजना के तहत वे विद्यार्थी जो किसी कारणवश अपनी स्कूली शिक्षा पूरी नहीं कर पाए, उन्हें हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण करने का अवसर मिलेगा।

इस योजना का संचालन मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं का शीघ्र पालन

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उनके द्वारा समय-समय पर की गई सभी घोषणाओं का शीघ्र पालन सुनिश्चित किया जाए। एक वर्ष से पुरानी कोई भी घोषणा लंबित नहीं रहनी चाहिए।

प्रदेश के इतिहास में पहली बार स्कूल शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग मिलकर बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कार्य करेंगे।

हाई स्कूलों का उन्नयन एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन हाई स्कूलों के आसपास हायर सेकेंडरी स्कूल उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें चिन्हित कर हायर सेकेंडरी स्कूलों में उन्नत करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए।

उन्होंने कहा कि स्कूलों में व्यावसायिक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए। आवश्यकता अनुसार क्षेत्रीय स्व-सहायता समूहों को भी विद्यालयों और विद्यार्थियों से जोड़ा जाए।

शासकीय स्कूलों से 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों की आगे की गतिविधियों जैसे उच्च शिक्षा, रोजगार, कृषि कार्य, पारिवारिक व्यवसाय या कौशल प्रशिक्षण की ट्रैकिंग भी की जाएगी।

नए संस्कृत विद्यालय शुरू

बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने जानकारी दी कि राजगढ़ जिले के भैंसवा माता तथा नरसिंहपुर जिले के गाडरवाड़ा में नए संस्कृत विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं।




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