मैं दुपहिया वाहनों की सर्विसिंग की इकाई शुरू करना चाहता हूँ। कृपया मार्गदर्शन  दें। 

वर्तमान समय में दुपहिया वाहन लगभग प्रत्येक निम्न मध्यम तथा मध्यवर्गीय परिवार की अनिवार्य आवश्यकता बन चुके हैं। भारतीय परिवेश में पिछले एक दशक में दुपहिया वाहनों का अत्यधिक प्रचलन बढ़ा है तथा अनेकों नए-नए मॉडलों के स्कूटर/मोटर साईकिल/ अन्य दुपहिया वाहन भारतीय बाजार में प्रस्तुत हुए हैं। न केवल शहरों में बल्कि गाँवों एवं कस्बों में भी स्कूटर/मोटर साइकिल तथा अन्य दुपहिया वाहन प्रत्येक निम्न मध्यम तथा मध्यमवर्गीय परिवार की आवश्यक जरूरत बन चुके हैं। विभिन्न विभागों/संस्थाओं द्वारा दुपहिया वाहनों की खरीदी हेतु दी जाने वाली ऋण सुविधाओं के कारण इनके उपयोग में निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रत्येक वाहन की कार्यकुशलता तथा कार्य निष्पादन को निरंतर बनाए रखने के लिए उसकी समय-समय पर सर्विसिंग एवं परीक्षण करवाना आवश्यक होता है। दुपहिया वाहनों के विशेषज्ञों का विचार है कि प्रत्येक वाहन का त्रैमासिक आधार पर अनिवार्यत: परीक्षण तथा सर्विसिंग की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त समय-समय पर वाहनों में अनेकों प्रकार की टूट-फूट होती है जिससे रिपेरिंग की भी आवश्यकता होती है। अत: यदि दुपहिया वाहनों की सर्विसिंग तथा रिपेरिंग से सम्बन्धित कोई इकाई किसी भी स्तर पर स्थापित की जाती है तो इसके सफलतापूर्वक चलने की पर्याप्त संभावनाएँ हैं। वाहनों की सर्विसिंग/रिपेयरिंग से सम्बन्धित मुख्यतया तीन प्रकार के कार्य किए जा सकते हैं- वाहनों के पंचर आदि जोडऩे का कार्य, वाहनों की डेन्टिग/पैंटिंग आदि का कार्य तथा वाहनों की सामान्य सर्विसिंग/रिपेयरिंग से सम्बन्धित कार्य। प्रत्येक वाहन जो कार्य में लाया जाएगा उसकी कुछ दिन के उपरांत सर्विसिंग/रिपेयरिंग करवाना आवश्यक होता है। अत: इस प्रकार की इकाई को निरंतर कार्य मिलना संभावित है। अत: इस सेवा इकाई की स्थापना की अच्छी संभावनाएँ हैं। दुपहिया वाहनों की सर्विसिंग/रिपेयरिंग की प्रक्रिया में सर्वप्रथम यह परीक्षण किया जाता है कि वाहन में मुख्यतया किस प्रकार की खराबी है। सम्पूर्ण वाहन के परीक्षण के बाद इसमें लगने वाले खर्चे तथा इसमें डाले जाने वाले पुर्जों/स्पेयर पाटर््स आदि का एसेसमेंट बनाकर ग्राहक को दे दिया जाता है तथा वाहन की आवश्यकतानुसार उसकी सर्विसिंग/रिपेयरिंग की जाती है। कच्चा माल-1. गीयर ऑयल, 2. लुब्रीकेटिंग ग्रीस, 3. विभिन्न स्पेयर पार्ट्स जैसे ग्रिप कवर्स, हैड लाइट ग्लास, स्पार्क प्लग, ब्रेक शूज, फ्लूड पिन, नट, गेयर वायर्स, क्लच वायर्स, रबर मैट्स, साइलेंसर्स, सीट कवर्स, अन्य विभिन्न पाट्र्स। मशीनरी/उपकरणों तथा कच्चे माल के प्रदायकर्ता 1. इकाई हेतु मशीनरी उपकरण, ग्रीस/ऑयल आदि विभिन्न कंपनियों के स्थानीय डीलर से प्राप्त किए जा सकते हैं। 2. इकाई हेतु स्पेयर पार्ट्स स्थानीय स्तर पर विभिन्न कंपनियों के स्थानीय डीलर से प्राप्त किए जा सकते हैं। चूँकि वाहनों की सर्विसिंग/रिपेयरिंग हेतु इस कार्य में अनुभव/प्रशिक्षण तथा ज्ञान आवश्यक है अत: सबसे पहले आप दुपहिया वाहनों की सर्विसिंग/रिपेयरिंग के कार्य में प्रशिक्षण प्राप्त करें। इस इकाई की स्थापना से संबंधित विस्तृत जानकारी आप अपने जिले में स्थित जिला उद्योग एवं व्यापार केन्द्र से प्राप्त कर सकते हैं।

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