बायोफिजिक्स क्या है ? इस क्षेत्र में करियर की क्या संभावनाएँ हैं ?

बायोफिजिक्स, साइंस की एक ब्रांच है, जिसमें हमारे आस-पास मौजूद बायोलॉजिकल सिस्टम को समझने के लिए फिजिक्स और फिजिकल केमिस्ट्री का उपयोग किया जाता है। बायोफिजिक्स, बायोलॉजिकल सिस्टम की कार्यप्रणाली को मॉलीक्यूलर स्ट्रक्चर और इसके गुणों के रूप में समझाता है। यह बायोलॉजी और फिजिक्स के बीच एक पुल की तरह है। फॉरेंसिक साइंस से लेकर जैविक उपचार में इसकी जरूरत होती है। मेडिकल इमेजिंग टेक्नोलॉजी जैसे कि मैग्नेटिक रिजोनेंस इमेजिंग, कंप्यूटेड एक्जिअल टोमोग्राफी स्कैन इत्यादि बायोफिजिक्स के आविष्कारों में शामिल हैं। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री या बायोलॉजी से संबंधित क्षेत्र में बैचलर डिग्री जरूरी है। हालांकि कुछ संस्थानों में बायोफिजिक्स के बैचलर डिग्री कोर्स उपलब्ध हैं। इसके बाद छात्र बायोफिजिक्स के मास्टर डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश ले सकते हैं। कोर्स करने के उपरांत बतौर बायोफिजिसिस्ट या साइंटिस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, सरकारी संस्थानों में रिसर्च आधारित क्षेत्र में काम कर सकते हैं। इसके अलावा बायोफिजिसिस्ट फार्मास्युटिकल कंपनियों और हाईटेक बायोलॉजिकल कंपनियों में भी जॉब कर सकते हैं। बायोफिजिसिस्ट के लिए शिक्षण संस्थानों में भी नौकरी के उजले अवसर हैं। यह कोर्स निम्न संस्थानों में उपलब्ध है- मुंबई यूनिवर्सिटी, मुंबई। ऑल इंडिया मेडिकल साइंस (एम्स), दिल्ली। महात्मा गाँधी यूनिवर्सिटी, केरल।

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