जहाज एवं बंदरगाह प्रबंधन का पाठ्यक्रम कहाँ से किया जा सकता है तथा इस कोर्स को  करने के बाद रोजगार के क्या अवसर हैं ?

शिपिंग सेवाओं के अंतर्गत बंदरगाह की देखरेख, फ्लीट ऑपरेशन, आर्थिक प्रबंधन, बेहतर दर्जे के टग्स, बारजेज, पायलट वैसल्स का इस्तेमाल व मरम्मत के अलावा मुरिंग, टोंइग व लोडिंग- डिस्चार्जिंग जैसे कार्यों को जहाज एवं बंदरगाह प्रबंधन के तहत अंजाम दिया जाता है। शिपिंग एवं पोर्ट मैनेजमेंट में दो वर्षीय एम.बी.ए. पाठ्यक्रम उपलब्ध है। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 50 प्रतिशत अंकों के साथ विज्ञान (गणित)/कॉमर्स/कम्प्यूटर साइंस/इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी/मरीन इंजीनियरिंग एवं नॉटिकल साइंस में डिग्री आवश्यक है। बंदरगाह प्रबंधन का कोर्स करने के बाद आपके लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है। आपके लिए बतौर मैनेजर शिपिंग कंपनियों, एजेंसी हाउस, क्लियरिंग एंड फार्वडिंग फम्र्स, एक्सपोर्ट- इम्पोर्ट हाउस, बड़ी-बड़ी मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेडिंग प्रतिष्ठïानों के अलावा गवर्नमेंट और अंडरटेकिंग्स में रोजगार के ढेरों अवसर मौजूद हैं, साथ ही विदेशी उपक्रमों में भी बंदरगाह प्रबंधकों की भारी माँग रहती है। यह पाठ्यक्रम निम्र संस्थानों में उपलब्ध है- ट्रेनिंगशिप चाणक्य, मुंबई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पोर्ट मैनेजमेंट, चेन्नई सीकाम मेरीन कॉलेज, कोलकाता।

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